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April 9, 2026

शिक्षण व्यवस्थाओं का आधुनिक प्रबंधन

वर्तमान शिक्षा व्यवस्थाओं में ख़ामियाँ: भारत गुरुओं का देश कहा जाता है। आज जहाँ शिक्षा का स्तर बहुत ही गिर गया है। हम अपनी पुरानी एवं प्रामाणिक मूल विद्या को खोते जा रहे है। मैं यह मानता हूँ की वर्षों की गुलामी ने हमारी मूल संस्कृति को झिन्न -भिन्न कर दिया है। आज़ादी मिलने  के बाद […]

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April 9, 2026

कृषि व्यवस्थाओं का आधुनिक प्रबंधन

कृषि व्यवस्थाओं में कमीः देश में किसानों के उत्थान/जागरूकता और वित्तीय सहायता के लिए सरकार लगभग 19 योजनाओं का प्रकल्प चला रही है। सरकार विभिन्न प्रकल्पो के माध्यम से पूरा करने का प्रयास भी करती है। फिर भी सरकार विफल हो जाती है, इतने प्रकल्पो के बाद भी देश के किसानों की स्थिति दयनीय है। इससे […]

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April 9, 2026

सिम्युलेटर प्रणाली द्वारा वाहन लाइसेंस का आधुनिक प्रबंधन

मोटर वाहन प्रमाण पत्रः वर्तमान में, वाहन लाइसेंस ऑनलाइन प्रणाली द्वारा बनाने की शुरुआत हो चुकी है। इसके बावजूद भी इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को सरकार समाप्त नहीं कर पा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण परीक्षण प्रणाली का प्रभावी न होना। यह तब तक ऐसा चलता रहेगा। जबतक स्थानीय कर्मचारी और अधिकारी कमीशन लेते रहेंगे। विभागीय […]

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December 4, 2018

मतदाता और मतदान का आधुनिक प्रबंधन

मतदाता कार्डः- – वर्तमान मतदाता कार्ड में बहुत सी ख़ामियाँ है  स्थानीय प्रतिनिधि और अधिकारीयों द्वारा वोट और नोट के लालच में बिना कोई जांच के व्यक्ति की पुष्टि कर दिया जाता है। यह चुनाव से पहले होने वाले परिसीमन और सर्वे के आधार पर नये मतदाताओं को जोड़ा जाता है। जिनकी नागरिकता की जांच […]

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December 4, 2018

भारतीय पहचान समाधान प्रणाली

भारतीय पहचान पत्र क्योंः- वर्तमान में अगर देखा जाए, तो देश मे नागरिकता पहचान की पुष्टि का कोई पहचान पत्र नही है। जिससे किसी व्यक्ति की पुष्टि त्वरित रूप से किया जा सके।  हाल ही में बना आधार कार्ड भी नागरिकता की पुष्टि नही करता और न ही ऐसा कोई  आधुनिक तकनीकी विकसित किया गया है, […]

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December 4, 2018

पारंपरिक कला एवं व्यवसाय का पुनरुद्धार

भारत देश बहु-सांस्कृतिक उदभव एवं भण्डारों का केन्द्र है, जो भारत की अतिप्राचीन विरासत एवं सभ्यताओं को संजोये हुई। यहाँ के निवासी और उनके जीवन शैलियां, उनके नृत्य और संगीत शैलिया, कला और हस्तकला जैसे : अनके कला एवं परम्पराए भारतीय संस्कृति की विरासत को जीवंत बनाए हुए है, जो देश की राष्ट्रीयता और आत्मनिर्भरता […]

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December 4, 2018

पर्यावरण मामलों का आधुनिक प्रबंधन

भारतीय संस्कृति में पर्यावरण को बहुत महत्व दिया गया है। भारत के विभिन्न संस्कृतियों में इसके उल्लेख मिलते है। हडप्पा संस्कृति पर्यावरण से ओत-प्रोत थी। तो वैदिक संस्कृति पर्यावरण-संरक्षण हेतु पर्याय बनी रही। भारतीय मनीषियों ने समूची प्रकृति ही क्या, सभी प्राकृतिक शक्तियों को देवता स्वरूप माना। उर्जा के स्रोत, सूर्य को देवता मानकर युगो-युगों […]

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December 4, 2018

श्रम एवं रोजगार मामलों का आधुनिक प्रबंधन

वर्तमान रिथति: इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) ने हाल ही में रोजगार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। जिसमें बताया गया है कि भारत में बेरोजगारी का स्तर पिछले साल की तुलना में इस साल एक स्तर पर उपर बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में 1 करोड़ 83 लाख लोग बेरोजगार थे, अब यानी साल […]

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December 4, 2018

स्वास्थ्य मामलों का आधुनिक प्रबंधन

भारत में 2017 के आंकड़ों के अनुसार 460 मेडिकल कॉलेज, एवं 2013 आंकड़ों की माने तो भारत में 4,419 हॉस्पिटल शहरी क्षेत्रों में जिनमें 4,32,526 बेड है। आयूष के तहत 26,107 डिस्पेंसरी 3,167 देखभाल केंद्र, 1,51,685 उप-केंद्र, 24,448 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, और 5,187 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है।जबकि प्राइवेट अस्पतालों की तादाद 80,671 है। इंडियन […]

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September 10, 2018

गौ विकास संवर्धन बोर्ड

गाय का धार्मिक एवं संस्कृतिक महत्वः- हिन्दू धर्म-पुराणों के अनुसार गाय में 33 कोटि देवी-देवता निवास करते हैं। कोटि का अर्थ करोड़ नही, प्रकार होता है। इसका मतलब गाय में 33 प्रकार के देवता निवास करते हैं। ये देवता है- 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रूद्र और 2 अष्विन कुमार। ये मिलकर कुल 33 होते हैं। […]

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